Monday, March 11, 2019

भारत के सिक्कों तथा मुद्रा नोटों पर महत्वपूर्ण जानकारी


भारत के सिक्कों तथा मुद्रा नोटों पर महत्वपूर्ण जानकारी

भारत के सिक्कों तथा मुद्रा नोटों पर महत्वपूर्ण जानकारी


सिक्के
भारत सरकार को सिक्का अधिनियम, 1906 के अंतर्गत सिक्का निर्माण का एकमात्र अधिकार है ।
आरबीआई अधिनियम के अंतर्गत केवल रिजर्व बैंक के माध्यम से ही सिक्के परिसंचरण के लिए जारी किए जाते हैं।
सिक्का अधिनियम, 1906 के अनुसार 1000 रुपये तक के सिक्के जारी किए जा सकते हैं ।
भारत ने 01 अप्रैल 1957 से सिक्कों की दशमलव प्रणाली अपनाई ।
सिक्का अधिनियम के अनुसार 1 रुपए के सिक्कों का उपयोग किसी भी राशिके भुगतान करने के लिए किया जा सकता है ।
सिक्का अधिनियम के अनुसार 50 पैसे के सिक्कों का उपयोग 10 रुपए से कम की राशि के भुगतान करने के लिए किया जा सकता है।
एक रुपये का नोट वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है और वित्त सचिव द्वारा हस्ताक्षरित किया जाता है।
भारतीय सिक्का अधिनियम, 2011 के अनुसार एक रुपए के नोट को सिक्का माना जाता है
10 रुपये के द्विपक्षीय सिक्के एल्यूमीनियम-कांस्य (बाहरी घेरा) और तांबा-निकल (आंतरिक भाग) से बने होते हैं
बैंक नोट (मुद्रा नोट)
मुद्रा नोट के भाषा पैनल पर भाषाओं की संख्या पंद्रह है
मुद्रा नोट पर (हिंदी और अंग्रेजी समेत) भाषाओं की कुल संख्या सत्रह है
भारतीय रुपये का प्रतीक डी उदय कुमार द्वारा बनाया गया था।
आरबीआई 10,000/- रु के मूल्य तक के नोट जारी कर सकता है।


मुद्रा नोट्स पर छवियां / पहचान चिह्न
नोट्स पर वॉटरमार्क विंडो के बाईं ओर एक विशेष निशान रखा गया है (इंटैग्लियो में) ताकि दृश्य पहचानने के लिए दृष्टिहीन लोगों की मदद की जा सके ।

मूल्यवर्ग
नोट के विपरीत पर छवि
दृष्टिहीन लोगों के लिए पहचान चिह्न
रु 5
खेत में ट्रैक्टर
रु. 10
गैंडा, बाघ और हाथी
रु. 20
माउंट हैरियेट और पोर्ट ब्लेयर लाइटहाउस
आयताकार
रु. 50
भारतीय संसद भवन
वर्ग
रु. 100
हिमालय
त्रिकोण
2016 के बाद के नए नोट
रु. 2000
मंगलयान
रु. 500 (new)
लाल किला
रु. 200
साँची स्तूप
अक्षर एच ( H)
रु. 50
रथ के साथ हम्पी
रु. 10
कोणार्क सुर्य मंदिर

विमुद्रीकृत नोट

रु. 1000
भारत की अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व करती हुई तेल रिग, उपग्रह, कंप्यूटर, हारवेस्टर और फाउंड्री
Diamond
रु. 500
दिल्ली के ग्यारह मूर्ति द्वारा प्रतिनिधित्व दांडी मार्च
Circle



भारतीय रुपयों और सिक्कों का इतिहास

क्या आपको पता है कि भारत में सिक्कों को सबसे पहले किसने जारी किया था? भारत में सिक्कों को सबसे पहले 6वीं शताब्दी ईसा पूर्व के आसपास शुरु किया गया था। सिक्कों के इतने जल्दी शुरु हुए चलन से मौद्रिक इकाईयों ने एक शानदार सफर तय किया और आजादी के पहले और बाद में विभिन्न शासकों के शासन में कई बदलाव देखे। अपने पूरे इतिहास में सिक्कों और मौद्रिक प्रणाली ने कई उतार चढ़ाव देखे। मुगल काल में संगठित मौद्रिक प्रणाली अस्तित्व में आई। अपनी निर्माण शैली के कारण शुरुआती सिक्कों को पंच मार्ककहा जाता था।

भारतीय रुपयों और सिक्कों के बारे में दिलचस्प तथ्य

  • रुपयाशब्द की उत्पत्ति संस्कृत के शब्द रुपयकसे हुई जिसका अर्थ चांदीहै और रुपया का संस्कृत में अर्थ चिन्हित मुहरहै।
  • रुपये का इतिहास 15 वीं सदी तक का है जब शेर शाह सूरी ने इसकी शुरुआत की थी। उस समय तांबे के 40 टुकड़े एक रुपये के बराबर थे।
  • मूलतः रुपया चांदी से बनाया जाता था जिसका वजन 11.34 ग्राम था। ब्रिटिश शासन के दौरान भी चांदी का रुपया चलन में रहा।
  • सन् 1815 तक मद्रास प्रेसिडेंसी ने फनम आधारित मुद्रा जारी कर दी थी। तब 12 फनम एक रुपये के बराबर था।
  • सन् 1835 तक ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की तीन प्रेसिडेंसियों बंगाल, बाॅम्बे और मद्रास ने अपने अपने सिक्के जारी कर दिए थे।
  • सन् 1862 में नए सिक्के जारी किये गए जिन्हें शाही मुद्रा कहा गया। इन पर महारानी विक्टोरिया की एक छवि और भारत का नाम था। आजादी के बाद भारत में पहला सिक्का सन् 1950 में जारी किया गया।
  • सन् 1861 में 10 रुपये के नोट के रुप में कागजी मुद्रा बैंक आॅफ हिंदुस्तान, जनरल बैंक आॅफ बंगाल और बिहार और बंगाल बैंक ने जारी किए। सन् 1864 में 20 रुपये का नोट आया। सन् 1872 में 5 रुपये का नोट आया। सन् 1900 में 100 रुपये का नोट आया। सन् 1905 में 50 रुपये का नोट आया। सन् 1907 में 500 रुपये का नोट आया और सन् 1909 में 1000 रुपये का नोट जारी हुआ।
  • भारतीय रिजर्व बैंक ने सन् 1938 से नोटों का उत्पादन शुरु किया। वर्तमान में भारतीय रिजर्व बैंक भारत में मुद्रा जारी करने और प्रबंधन का काम करता है।
  • सन् 1947 में रुपये का दशमलवकरण हुआ। इसमें रुपये को 100 नए पैसे में बांटा गया। सन् 1964 में नया शब्द हटा दिया गया।
  • आजादी के समय रुपये को आनों में बांट दिया गया। 16 आने से एक रुपया बना। आने को फिर 4 पैसों और 12 पाई में बांटा गया। आजकल रुपया पैसों में बांटा जाता है जिसमें 1 रुपये में 100 पैसे होते हैं।
  • आजादी के बाद सिक्के ताम्र-निकल के बनते थे। उसके बाद एल्यूमिनियम के सिक्के सन् 1964 में आए। सन् 1988 में स्टेनलेस स्टील के सिक्के जारी किए गए।
  • सन् 2010 में भारतीय रुपये का प्रतीक अपनाया गया जो डी उदय कुमार ने बनाया था। इस प्रतीक को बनाने में लैटिन अक्षर आरऔर देवनागरी के अक्षर का उपयोग हुआ है जिसमें दो लाइनों से भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का प्रतिनिधित्व होता है।
  • बैंक नोटों की वर्तमान श्रृंखला को महात्मा गांधी श्रृंखला कहा जाता है। इसे सन् 1966 में 10 रुपये के नोट से शुरु किया गया जिस पर महात्मा गांधी की छवि थी।
  • हर बैंक नोट पर 17 भारतीय भाषाओं में राशि लिखी जाती है।


1000 का सिक्का
भारत में पहली बार 75, 150 और 1,000 रुपये के सिक्कों को ढाला गया। यह भारतीय रिजर्व बैंक की प्लैटिनम जुबली, रवीन्द्रनाथ टैगौर की 150वीं जयंती और बृहदेश्वर मंदिर के 1000 साल होने के उत्सव में क्रमशः जारी किए गए थे।


Sunday, March 10, 2019

भारत की भाषाएं | भाषा को बढ़ावा देने के लिए स्थापित संस्थान

भारत की भाषाएं

भारत की भाषाएं | भाषा को बढ़ावा देने के लिए स्थापित संस्थान

भारत में बोली जाने वाली भाषाएँ

भारतीय संविधान एक राष्ट्र भाषा का वर्णन नहीं करता । तथा भारत में कोई एक राष्ट्र भाषा नहीं है। संविशान के अनुसार केंद्रीय सरकार में काम हिन्दी और अंग्रेज़ी भाषाओँ में होता है, और राज्यों में हिन्दी अथवा अपने-अपने क्षेत्रीय भाषाओँ में काम होता है । भाषाई मामले में भारतवर्ष विश्व के समृद्धतम् देशों में से एक है। यहाँ मुख्यतः बोली जाने वाली भाषाओं की सूची इस प्रकार है:
  • हिन्दी
  • अंग्रेजी
  • मराठी
  • संस्कृत
  • नेपाली
  • मैथिली
  • भोजपुरी
  • पंजाबी
  • तमिल
  • तेलुगू
  • मलयालम
  • कन्नड
  • गुजराती
  • बांग्ला
  • असमिया
  • ओड़िआ या उड़िया
  • कश्मीरी
  • लद्दाखी
  • मणिपुरी
  • कोंकणी
  • डोगरी
  • उर्दू
  • सिन्धी
  • अवधी



भारतीय संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त भाषाओं की संख्या है
22
1950 में भारतीय संविधान की स्थापना के समय में, मान्यता प्राप्त भाषाओं की संख्या थी
14
आठवीं अनुसूची में तदोपरांत जोड़ी गई भाषाएँ
सिंधी, कोंकणी, नेपाली, मणिपुरी, मैथिली, डोगरी, बोडो और संथाली.
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की 2011 की रिपोर्ट के अनुसार पहचान योग्य मातृ भाषाओं की संख्या
234
शास्त्रीय भाषा का दर्जा पाने वाली पहली भाषा
तमिल
शास्त्रीय भाषा का दर्जा पाने वाली अन्य भाषाएँ
संस्कृत, कन्नड़, मलयालम, तेलुगू और उड़िया
नागालैंड की राजभाषा है
अंग्रेज़ी
जम्मू और कश्मीर की राजभाषा
उर्दू
गोवा की राजभाषा
कोंकणी
भारत के संविधान द्वारा निर्धारित सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की राजभाषा
अंग्रेज़ी
लक्षद्वीप की प्रमुख भाषाएं
जेसरी (द्वीप भाषा) और महल
सामान्यतः पुडुचेरी (पूर्व में पांडिचेरी) में बोली जाने वाली विदेशी भाषा
फ्रेंच
'पूर्व की इतालवी' कही जाने वाली भारतीय भाषा
तेलुगु
भारत का एकमात्र राज्य जहाँ संस्कृत राजभाषा मे रूप में मान्य है
उत्तराखण्ड
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के प्रमुख भाषाएं
हिंदी, निकोबारी, बंगाली, तमिल, मलयालम और तेलुगू.
अंग्रेजी मान्यता प्राप्त भाषाओं की सूची में नहीं है


भाषा को बढ़ावा देने के लिए स्थापित संस्थान

संस्था
स्थान
भारतीय भाषा संस्थान
मैसूर, कर्नाटक
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय
वर्धा, महाराष्ट्र
अंग्रेजी और विदेशी भाषा विश्वविद्यालय
हैदराबाद, आंध्र प्रदेश
राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान
नई दिल्ली
श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ
नई दिल्ली
राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ
तिरूपति
मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय
हैदराबाद
केन्द्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान
चेन्नई

केन्द्रीय भारतीय भाषा संस्थान कहाँ स्थित है भारतीय भाषा संस्थान मैसूर केंद्रीय भाषा संस्थान मैसूर में कहा है केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान कहाँ है उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान केंद्रीय भाषा संस्थान कहाँ है केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान कहां है केन्द्रीय हिन्दी संस्थान